अगर बेवफा हम तुझको जान जाते, तो खुदा की कसम मोहब्बत न करते… ग्रामीणों का तंज, करोड़ों की सड़क एक साल में उखड़ी

अगर बेवफा हम तुझको जान जाते, तो खुदा की कसम मोहब्बत न करते… ग्रामीणों का तंज, करोड़ों की सड़क एक साल में उखड़ी

            शाहीद हुसैन की ख़ास रिपोर्ट 

 

अगर बेवफा हम तुझको जान जाते, तो खुदा की कसम मोहब्बत न करते… ग्रामीणों का तंज, करोड़ों की सड़क एक साल में उखड़ी

सीपत बिलासपुर से बलौदा मार्ग की बदहाल सड़क पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, बोले– ठेकेदार की गुणवत्ता पहले पता होती तो काम ही नहीं करने देते

बिलासपुर :— करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित सीपत से बलौदा तक की सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर अब गंभीर सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क बने अभी लगभग एक वर्ष ही हुआ है,

लेकिन कई स्थानों पर डामर पूरी तरह उखड़ चुका है और बड़े-बड़े गड्ढों ने सड़क को बदहाल बना दिया है। इससे इस मार्ग पर सफर करना लोगों के लिए मुश्किल और जोखिम भरा हो गया है।

ग्रामीणों ने ठेकेदार और निर्माण एजेंसी पर तीखा तंज कसते हुए कहा, “अगर बेवफा हम तुझको जान जाते तो खुदा की कसम मोहब्बत न करते… यदि ठेकेदार के काम की गुणवत्ता पहले से पता होती तो हम उसे यह सड़क बनाने ही नहीं देते।”

ग्रामीणों का कहना है कि सड़क पर अब जगह-जगह केवल पैचवर्क किया जा रहा है। उनका आरोप है कि बार-बार गड्ढे भरकर यह दिखाने की कोशिश की जा रही है कि मरम्मत का कार्य चल रहा है, जबकि कुछ ही दिनों बाद वही सड़क फिर से उखड़ जाती है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद सड़क की यह स्थिति सरकारी निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाती है।

इस मार्ग से प्रतिदिन हजारों लोग गुजरते हैं और खराब सड़क के कारण दुर्घटना की आशंका लगातार बनी रहती है।

ग्रामीणों ने लोक निर्माण विभाग से सड़क निर्माण की उच्च स्तरीय तकनीकी जांच कराने, निर्माण में यदि किसी प्रकार की लापरवाही या गुणवत्ता में कमी पाई जाए तो

संबंधित ठेकेदार और अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने तथा पूरी सड़क का स्थायी और गुणवत्तापूर्ण पुनर्निर्माण कराने की मांग की है।

ग्रामीणों का यह भी कहना है कि “क्या लोक निर्माण विभाग के मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी कभी इस सड़क से गुजरेंगे? यदि वे स्वयं इस मार्ग पर सफर करें तो लोगों की परेशानी का वास्तविक अंदाजा हो जाएगा।

अब देखना यह होगा कि करोड़ों की लागत से बनी इस सड़क की बदहाली पर लोक निर्माण विभाग कब संज्ञान लेता है और आम जनता को राहत देने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं

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