मुंगेली जिला अंतर्गत अचानकमार टाइगर रिजर्व पहुंचे राज्यपाल रमेन डेका, जंगल सफारी का लिया आनंद जनजातीय कला और प्राकृतिक सौंदर्य की सराहना, वन्य जीव संरक्षण को बढ़ावा देने के दिए निर्देश
मुंगेली जिला अंतर्गत अचानकमार टाइगर रिजर्व पहुंचे राज्यपाल रमेन डेका, जंगल सफारी का लिया आनंद जनजातीय कला और प्राकृतिक सौंदर्य की सराहना, वन्य जीव संरक्षण को बढ़ावा देने के दिए निर्देश

शेख अज़ीज़ खान की ख़ास रिपोर्ट
मुंगेली जिला अंतर्गत अचानकमार टाइगर रिजर्व पहुंचे राज्यपाल रमेन डेका, जंगल सफारी का लिया आनंद जनजातीय कला और प्राकृतिक सौंदर्य की सराहना, वन्य जीव संरक्षण को बढ़ावा देने के दिए निर्देश
मुंगेली/बिलासपुर, 5 मार्च छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका ने गुरुवार को मुंगेली जिले के प्रसिद्ध अचानकमार टाइगर रिजर्व का दौरा किया इस दौरान उन्होंने जंगल सफारी का आनंद लेते हुए वनांचल की प्राकृतिक सुंदरता की सराहना की और प्राकृतिक वातावरण में वन्य जीवों के संरक्षण को बढ़ावा देने की बात कही दौरे के दौरान राज्यपाल ने आदिवासी अंचल की महिलाओं द्वारा तैयार की गई पारंपरिक कलाकृतियों को देखा और उनकी सराहना की। उन्होंने विशेष रूप से बैगा और गोंड जनजाति की पारंपरिक ट्राइबल पेंटिंग्स और स्थानीय हस्तशिल्प को सराहा राज्यपाल रमेन डेका ने सिहावल क्षेत्र में वन्य प्राणी संरक्षण को और मजबूत करने के लिए आवश्यक सुविधाएं बढ़ाने के निर्देश भी दिए। साथ ही जंगली हाथियों के प्रशिक्षण और उनके बेहतर प्रबंधन को लेकर भी संबंधित अधिकारियों को दिशा-निर्देश प्रदान किए इस दौरान अधिकारियों ने बताया कि अचानकमार टाइगर रिजर्व का यह क्षेत्र हिरण, हाथी और टाइगर सहित कई वन्य जीवों के विचरण का प्रमुख क्षेत्र है गौरतलब है कि मुंगेली जिले का सिहावल क्षेत्र मनियारी नदी का उद्गम स्थल भी माना जाता है, जो इस क्षेत्र की प्राकृतिक पहचान है कार्यक्रम के दौरान कलेक्टर कुन्दन कुमार ने राज्यपाल का स्वागत करते हुए उन्हें जनजातीय कला पर आधारित स्मृति चिन्ह और प्राकृतिक कोसे से निर्मित शॉल भेंट कर सम्मानित किया इस अवसर पर फील्ड डायरेक्टर अभिषेक सिंह, एडीसी ओम भविष्यकर, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल, डीडी एटीआर यू.आर. गणेशन, सीईओ जिला पंचायत प्रभाकर पांडेय सहित स्वास्थ्य, लोक निर्माण, खाद्य एवं राजस्व विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।




