बिलासपुर में अवैध खनन और परिवहन पर शिकंजा, 66 मामलों में FIR दर्ज, दो आरोपियों को 1-1 साल की कठोर सजा
बिलासपुर में अवैध खनन और परिवहन पर शिकंजा, 66 मामलों में FIR दर्ज, दो आरोपियों को 1-1 साल की कठोर सजा

शेख अज़ीज़ खान की ख़ास रिपोर्ट
बिलासपुर में अवैध खनन और परिवहन पर शिकंजा, 66 मामलों में FIR दर्ज, दो आरोपियों को 1-1 साल की कठोर सजा
बिलासपुर जिले में खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान में बड़ी कार्रवाई सामने आई है। कलेक्टर के निर्देश पर खनिज, राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त कार्रवाई के दौरान जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में 66 प्रकरणों में एफआईआर दर्ज की गई। इनमें कोटा, रतनपुर, सीपत, सिविल लाइन, सरकंडा, मस्तूरी, पचपेड़ी, चकरभाठा और हिर्री थाना क्षेत्र शामिल हैं। वहीं एक मामले में न्यायालय ने दो आरोपियों को एक-एक साल की कठोर कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई है।
मामला सीपत थाना क्षेत्र के ग्राम खैरा डगनिया का है, जहां 16 अक्टूबर 2025 को जलेश्वर कश्यप और रतनपुर थाना क्षेत्र निवासी अमर कुमार कैवर्त को ट्रैक्टर-ट्रॉली के जरिए रेत का अवैध परिवहन करते पकड़ा गया था। पुलिस ने ट्रैक्टर-ट्रॉली को जब्त कर प्रकरण दर्ज किया था। मामला विशेष न्यायाधीश, खान एवं खनिज न्यायालय, जिला बिलासपुर के समक्ष विचाराधीन था।
एक दिन पहले 30 सितंबर को न्यायालय ने इस मामले में फैसला सुनाते हुए दोनों आरोपियों को भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत एक वर्ष के कठोर कारावास के साथ एक-एक हजार रुपये अर्थदंड तथा खान एवं खनिज अधिनियम के तहत 25-25 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
खनिज शाखा के मुताबिक जिले में अवैध उत्खनन और परिवहन के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। विशेष अभियान के दौरान दर्ज किए गए 66 प्रकरणों में पुलिस कार्रवाई के साथ न्यायालयीन प्रक्रिया भी जारी है। विभाग का कहना है कि अवैध खनन और परिवहन पर प्रभावी रोक लगाने के लिए आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।
कुल मिलाकर बिलासपुर में अवैध खनन और रेत परिवहन के खिलाफ प्रशासन की कार्रवाई अब केवल जब्ती और एफआईआर तक सीमित नहीं है, बल्कि न्यायालय से सजा तक पहुंच रहे मामलों ने कार्रवाई को और पुख्ता बना दिया है।




